रांची: नई दिल्ली में आज सोमवार को आयोजित इंडिया ब्लॉक के दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई. दिल्ली की सड़कों पर झारखंड कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, पूर्व एवं वर्तमान सांसदों के लोकतंत्र बचाओ और केंद्र सरकार विरोधी नारे बुलंद होते रहे।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में आयोजित इस लोकतांत्रिक मार्च में झारखंड सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, कांग्रेस कोटे से मंत्री, शिल्पी नेहा तिर्की, राधा कृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, सांसद के साथ-साथ विधायक समेत भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस मार्च में हिस्सा लिया. उन्होंने एसआईआर रद्द करने और ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग बुलंद की।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नागरिकों के मताधिकार पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की. उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार का संरक्षण लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है. पार्टी का साफ मानना है कि किसी भी पात्र नागरिक को उसके वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।