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RanchiAdministrationJharkhand News Desk

दुर्गा पूजा 2026 के लिए प्रमुख पंडालों में 'शक्ति कमांडो' तैनात किए गए, जबकि क्विक रिएक्शन टीमें (QRTs) और बाइक पेट्रोलिंग टीमें मुख्य सड़कों पर नज़र रखेंगी।

दुर्गा पूजा 2026 के लिए प्रमुख पंडालों में 'शक्ति कमांडो' तैनात किए गए, जबकि क्विक रिएक्शन टीमें (QRTs) और बाइक पेट्रोलिंग टीमें मुख्य सड़कों पर नज़र रखेंगी।

रांचीः दुर्गा पूजा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना रांची पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी. इसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा से लेकर अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन तक की तैयारियों को मजबूत किया है. सोमवार देर शाम रांची एसएसपी राकेश रंजन ने अपने अफसरों और थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा प्लान तैयार किया, जिसे 14 अक्टूबर से अमल में लाया जाएगा.

हर तरफ होगा पुलिस का पहरा

रांची सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि रांची के पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी, भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और प्रमुख मार्गों पर लगातार गश्त के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े पंडालों में शक्ति कमांडो तैनात होंगे, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) सक्रिय रहेगी. त्योहार की भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल, बैग और सोने की चेन छीनने वाले अपराधियों के साथ बाइक चोरों पर भी पुलिस का विशेष फोकस रहेगा.

बैठक कर जारी किए गए निर्देश

दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सोमवार की शाम एसएसपी रांची की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. इसमें पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों, सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया.

बैठक में संभावित भीड़, संवेदनशील इलाकों, पूजा पंडालों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई. एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सुरक्षा तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो और सभी व्यवस्थाओं की समय रहते जांच कर ली जाए.

भीड़ में अपराध करने वालों पर रहेगी खास नजर

दुर्गा पूजा के दौरान बाजारों, पंडालों और प्रमुख सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ के बीच छिनतई और चोरी की घटनाओं को रोकना पुलिस की प्राथमिकता होगी. इसके लिए एंटी क्राइम चेकिंग और सघन गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है. चेन छिनतई, मोबाइल छिनतई और बाइक चोरी में पहले शामिल रहे अपराधियों के साथ उनके गिरोहों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी.

पुलिस ऐसे इलाकों को चिह्नित करेगी, जहां भीड़ अधिक रहती है या अपराध होने की आशंका है. इन स्थानों पर गश्त बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाएगी. पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में शामिल रहे लोगों की गतिविधियों का सत्यापन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाए और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो.

बड़े पंडालों में शक्ति कमांडो, हर गतिविधि पर सीसीटीवी से नजर

प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस बल के साथ स्थिर और चलायमान क्यूआरटी की तैनाती की जाएगी. भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर लगाए जाएंगे. यहां तैनात पुलिसकर्मी ऊंचाई से भीड़ की स्थिति पर नजर रख सकेंगे और किसी भी अव्यवस्था की आशंका होने पर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे. बड़े पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। प्रमुख सड़कों और भीड़ वाले क्षेत्रों में बाइक दस्ते लगातार गश्त करेंगे. इसका उद्देश्य किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को जल्द से जल्द मौके तक पहुंचाना और भीड़ को नियंत्रित रखना है.

पंडालों के आयोजकों को पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने, रिकॉर्डिंग के लिए पर्याप्त स्टोरेज रखने और परिसर में फुटेज देखने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. कैमरों की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति की 24 घंटे तैनाती भी सुनिश्चित करनी होगी. संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक पंडालों का निरीक्षण कर इन व्यवस्थाओं की जांच करेंगे.

आग से बचाव के इंतजामों की होगी जांच

पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के कारण अग्नि सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने आयोजकों को सतर्क किया है. पंडालों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी उपलब्ध रखना होगा. जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर की व्यवस्था भी करनी होगी. बिजली से आग लगने की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले उपयुक्त उपकरण रखने और अग्निशमन यंत्रों की वैधता की जांच करने को कहा गया है.

इसके अलावा, भवन निर्माण और विद्युत सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र लेने होंगे। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार, पर्याप्त रोशनी, जनरेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी. पुरुष और महिला स्वयंसेवकों की पर्याप्त संख्या में तैनाती भी जरूरी होगी. पुलिस अधिकारियों को इन सभी इंतजामों का भौतिक सत्यापन करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.

विसर्जन जुलूस के दौरान नहीं हो यातायात की परेशानी

प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस सभी विसर्जन मार्गों का निरीक्षण करेगी. संकरी सड़कों, खराब रास्तों, दुर्घटना संभावित स्थानों और अन्य बाधाओं की पहचान कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी.

प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर स्थिति के अनुसार यातायात नियंत्रित किया जाएगा, जरूरत पड़ने पर वाहनों का मार्ग बदला जाएगा और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की जाएगी. विसर्जन जुलूस को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे. यातायात में होने वाले बदलाव और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी.

आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन और गोताखोर तैयार

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रमुख पूजा पंडालों और जरूरी स्थानों के आसपास अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मिल सके।विसर्जन के दौरान जलाशयों में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सभी थानों को स्थानीय गोताखोरों की सूची और उनके संपर्क नंबर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत बचाव कार्य में लगाया जा सकेगा. पुलिस का जोर है कि आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में देरी नहीं हो.

उपद्रव की आशंका पर होगी कानूनी कार्रवाई

शांति व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी.

सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. डांडिया, गरबा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली समितियों को भी संबंधित थाना और यातायात पुलिस को पहले से सूचना देनी होगी. कार्यक्रम में संभावित भीड़ के अनुसार सुरक्षा बल और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी. रावण दहन कार्यक्रमों में भी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा.

पूजा समितियों के साथ समन्वय, तैयारियों की नियमित समीक्षा

एसएसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा तैयारियों का आकलन करने और निर्धारित मानकों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक अपने क्षेत्रों के पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगे, जबकि संबंधित पुलिस अधीक्षक तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

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