बूथों पर चल रही बीएलओ, बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
देवघर: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया द्वारा आज जिले में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत देवघर और मोहनपुर प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर आयोजित बूथ लेवल अफिसर (BLO-1) एवं बूथ लेवल एजेंट (BLO-2) की संयुक्त बैठक तथा श्चुनाव पाठशालाश् की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्यों को ससमय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने हेतु आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिए।
विभिन्न मतदान केंद्रों की स्थिति की समीक्षा
अपने निरीक्षण कार्यक्रम के तहत उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने देवघर प्रखंड के अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 246, 247, और 248 का दौरा किया। इसके पश्चात उन्होंने मोहनपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बूथ संख्या 450, 408, 409, 382, और 384 पर पहुँचकर वहाँ चल रही बीएलओ-बीएलए बैठक एवं चुनाव पाठशाला का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता से पूरा करें ताकि कोई भी योग्य मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे।
लापरवाही पर सख्त रुख, वेतन रोकने का निर्देश
आमगाछी में मतदान केंद्र के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बीएलओ सुपरवाइजर की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस प्रकार की घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (ैक्व्) को संबंधित बीएलओ सुपरवाइजर के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी करने और उनका वेतन रोकने का कड़ा निर्देश दिया।
इस औचक निरीक्षण के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी (देवघर) श्री रवि कुमार, अंचलाधिकारी (देवघर) श्री अनिल कुमार, अंचलाधिकारी (मोहनपुर) श्रीमती अमृता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार विद्यार्थी सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी, बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर मुख्य रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा विजेता खिलाड़ियों और पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि देवघर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है और प्रशासन इन बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद करेगा। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि इन सभी खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जो भी आवश्यक संसाधन, ट्रेनिंग या सहयोग की आवश्यकता हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।