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कुम्हारों के चाक की धीमी होती रफ्तार: डेढ़ सौ साल पुराना पुश्तैनी हुनर तलाश रहा है नई पीढ़ी का सहारा

कुम्हारों के चाक की धीमी होती रफ्तार: डेढ़ सौ साल पुराना पुश्तैनी हुनर तलाश रहा है नई पीढ़ी का सहारा

मिट्टी के दीयों की घटती मांग से कुम्हारों का पुश्तैनी कारोबार संकट में है. नई पीढ़ी पारंपरिक हुनर को छोड़कर दूसरे व्यवसायों की ओर रुख कर रही है. The post कुम्हारों के चाक की धीमी होती रफ्तार: डेढ़ सौ साल पुराना पुश्तैनी हुनर तलाश रहा है नई पीढ़ी का सहारा appeared first on Prabhat Khabar.

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