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RanchiAdministrationJharkhand News Desk

आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है: जिला उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री

आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है: जिला उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री

बैठक के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जल जीवन मिशन की प्रमंडलवार प्रगति की समीक्षा की।

रांची:  जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 31.10.2026 को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन (JJM) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G) के तहत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, रांची श्री संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री बादल राज, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पूर्वी एवं पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जल जीवन मिशन की प्रमंडलवार प्रगति की समीक्षा की। पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों प्रमंडलों में संचालित MVS (Multi Village Scheme) एवं SVS (Single Village Scheme) के कार्यों की स्थिति एवं लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

योजनाओं की गुणवत्ता एवं भौतिक सत्यापन पर विशेष जोर

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त ने सभी सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने नियमित स्थल निरीक्षण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की निगरानी करने को कहा।

उन्होंने योजनाओं से संबंधित डॉक्यूमेंटेशन को अद्यतन रखने तथा कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। JJM के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ SVS क्लस्टर प्रोग्रेस की भी समीक्षा की गई। संबंधित JEs एवं अभियंताओं को स्थल पर जाकर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।

SBM-G के तहत IHHL निर्माण की प्रगति की समीक्षा

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के क्रम में चालू वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) निर्माण की प्रखंडवार स्थिति की जानकारी ली गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त ने पात्र लाभुकों का शीघ्र चयन करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लाभुकों के चयन की प्रक्रिया में ऑनलाइन माध्यम के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।

मॉडल विलेज के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में मॉडल विलेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शेष गांवों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों को और बेहतर बनाने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मॉडल विलेज के रूप में विकसित किए जा रहे गांवों में सभी आवश्यक कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के बाद उसका स्थल पर सत्यापन सुनिश्चित करने तथा कमियों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कराने का निर्देश भी दिया गया।

उपायुक्त ने बैठक में जल गुणवत्ता जांच की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जल स्रोतों की नियमित जांच, नमूनों की रिपोर्टिंग और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की स्थिति पर जानकारी ली। 

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता जांच से संबंधित सभी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से तैयार कर प्रस्तुत की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। 

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल स्रोतों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, दूषित पाए जाने वाले स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए तथा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय शीघ्र लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जांच रिपोर्टों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी ताकि जिले के हर नागरिक को शुद्ध पेयजल मिल सके।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

बैठक में उप विकास आयुक्त राँची, श्री संजय भगत, पीएचडी विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता, एवं इससे जुड़े सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

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