सिमडेगा।


कांसजोर जलाशय में मंगलवार को मछली छोड़ी गई। इस दौरान जिप सदस्य जोसिमा खाखा, प्रमुख रजत लकड़ा, जिप सदस्य समरोम पौल तोपनो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। हालांकि जलाशय में छोड़ी गई मछलियों का आकार छोटा देखकर जोसिमा खाखा ने मछली वितरण प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जोसिमा खाखा ने कहा कि विभाग की ओर से मत्स्य मित्रों को कांसजोर जलाशय में 4.50 लाख अंगुलिका मछली छोड़ने की बात कही गई थी। लेकिन मौके पर छोड़ी गई मछलियों की संख्या डेढ़ लाख से भी कम प्रतीत हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंगुलिका आकार की मछलियों की संख्या कुल मछलियों में 20 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में निर्धारित संख्या और मछलियों के आकार को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। जलाशय में निर्धारित संख्या और उचित आकार की मछलियां छोड़े जाने से मत्स्य पालकों को लाभ मिलता है तथा मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। लेकिन यदि इस कार्य में अनियमितता बरती जाती है, तो इसका सीधा असर मत्स्य पालकों के हितों पर पड़ सकता है। जोसिमा खाखा ने संबंधित विभाग से मछलियों की वास्तविक संख्या, आकार और वितरण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो दोषी पाए जाने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर मत्स्य पदाधिकारी सीमा दीपिका टोप्पो, बीडीओ प्रकाश चंद्र ज्ञानी, विधायक प्रतिनिधि अख्तर खान, पंसस प्रतिमा कुजूर सहित कई अधकारी व अन्य उपस्थित थे।