जमशेदपुर: शारदीय नवरात्रि के नवमी के दिन पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कन्या पूजन कर आशीर्वाद लिया. इस मौके पर रघुवर दास ने कहा कि अध्यात्म से ही ऊर्जा मिलती है. हमें खुद के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना है. उन्होंने बताया कि झारखंड में छठ पूजा के बाद नशा के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत होगी
शीतला मंदिर में कन्या पूजन
रघुवर दास ने शीतला मंदिर में आराधना और मां की आरती के बाद सबसे पहले 9 कन्याओं का पूजन कर उन्हें अपने हाथों से प्रसाद खिलाया. इस मौके पर रघुवर दास ने सभी राज्यवासियों को नवरात्र की शुभकामना दी. उन्होंने कहा कि नवरात्रि के नवमी में कन्या पूजा का खास महत्व होता है और उन्होंने बताया कि हर साल मां शीतला मंदिर में कन्या पूजा करता हूं, क्योंकि मां शीतला के दरबार से ही मुझे आशीर्वाद मिला है.
मंदिर से जुड़े इतिहास को किया साझा
रघुवर दास ने शीतला मंदिर से जुड़ी पुरानी यादों को भी साझा किया. उन्होंने बताया कि 1995 से पहले यह स्थान एक गड्ढेनुमा मैदान था, जहां माता के स्वरूप के रूप में एक पत्थर स्थापित था. स्थानीय लोगों के सहयोग और लॉटरी के माध्यम से राशि जुटाकर शीतला माता मंदिर और शीतला भवन का निर्माण कराया गया.
मेरे अंदर जनसेवा और जनसहयोग की भावना: रघुवर दास
उन्होंने बताया कि विधायक और मंत्री बनने के बाद भी जनसेवा और जनसहयोग की भावना बनी रही. इसी सामूहिक प्रयास और रचनात्मक सोच के जरिए बाद में शहर में सूर्य मंदिर का निर्माण भी संभव हुआ. उन्होंने कहा कि आध्यात्म से ही हमें ऊर्जा मिलती है, हमें समाज में सिर्फ होने लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना चाहिए.
नशा के खिलाफ होगा जन-जागरण अभियान
रघुवर दास ने शहर की बस्तियों में फैल रहे नशा के खिलाफ एक बड़े जन-जागरण अभियान की घोषणा करते हुए बताया कि छठ पूजा के बाद जमशेदपुर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को एकजुट कर नशे के खिलाफ एक विशाल अभियान चलाया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य समाज में जागृति लाना और नशे के अवैध कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाना है। इसके लिए पूरे समाज को जागना.
कार्यक्रम के दौरान शहर की बस्तियों में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार और युवाओं पर पड़ रहे इसके दुष्प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई. रघुवर दास ने कहा कि छठ पर्व के बाद जमशेदपुर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को एकजुट कर नशे के खिलाफ बड़ा जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा की केवल कानून के भरोसे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है. इसके लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक और एकजुट होना होगा.