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LateharTribalJharkhand News Desk

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में "डायन के नाम पर महिला उत्पीड़न - एक सामाजिक कलंक" विषय पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में "डायन के नाम पर महिला उत्पीड़न - एक सामाजिक कलंक" विषय पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

"डायन प्रथा मानवता पर एक कलंक है। यह एक गंभीर सामाजिक अपराध है। हमारे समाज में डायन जैसी कोई चीज नहीं होती।

लातेहार:   लातेहार सदर प्रखंड के मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं के बीच डायन प्रथा के विरुद्ध जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, लातेहार, डॉ. चंदन* ने कहा कि - "डायन प्रथा मानवता पर एक कलंक है। यह एक गंभीर सामाजिक अपराध है। हमारे समाज में डायन जैसी कोई चीज नहीं होती। किसी के बीमार पड़ने या कोई अनहोनी होने के पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं, न कि किसी महिला का जादू-टोना। यह केवल अंधविश्वास और मानसिक विकृति की उपज है। इस सोच को हमें अपने मन से निकालना होगा।"

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डायन प्रथा के खिलाफ कड़ा कानून बनाया है। इस कानून के तहत किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना, मारपीट करना या अपमानित करना दंडनीय अपराध है।

"आप सभी बच्चे समाज की रीढ़ हैं। आप ही गांव में बदलाव की असली आवाज हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि अगर कहीं भी किसी महिला को डायन के नाम पर परेशान किया जा रहा हो, तो तुरंत मुखिया, पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना दें। चुप रहना भी अपराध को बढ़ावा देना है। आइए हम सब मिलकर शपथ लें कि हम एक स्वस्थ, स्वच्छ, शिक्षित और अंधविश्वास मुक्त समाज का निर्माण करेंगे, जहां हर महिला सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन जी सके।"

कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं को डायन प्रथा के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई।

मौके पर मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन श्रीमती पिंकी कुमारी, अन्य सहयोगी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं जिला जनसंपर्क विभाग के सूर्यतनय सिंह, राकेश कुमार मिश्रा, दीपक कुमार, मुर्शीद अंसारी, संतोष कुमार एवं अन्य उपस्थित थे।

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