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RamgarhTribalJharkhand News Desk

रामगढ़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के लिए एक स्मृति भोज का आयोजन किया गया; इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव सहित कई वीवीआईपी (VVIPs) शामिल हुए।

रामगढ़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के लिए एक स्मृति भोज का आयोजन किया गया; इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव सहित कई वीवीआईपी (VVIPs) शामिल हुए।

रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में उनकी माता रूपी सोरेन का संस्कार भोज शुरू हो गया है. रविवार को लाखों लोग उनके संस्कार भोज में शामिल हुए. रामगढ़ जिले के अलावा रांची, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, चतरा, देवघर, जमशेदपुर आदि स्थानों से लोग संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे हैं. इस कार्यक्रम में देश के कई चर्चित चेहरे भी शामिल हुए.

योग गुरु बाबा रामदेव पहुंचे नेमरा

रविवार के दोपहर लगभग 1:00 योग गुरु बाबा रामदेव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे. हेलीकॉप्टर से पहुंचने के बाद बाबा रामदेव सीधे हेमंत सोरेन के घर पहुंचे. वहां उन्होंने उनकी मां रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. साथ ही मुख्यमंत्री को इस विषम परिस्थिति में संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

योग गुरु बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि माता रूपी सोरेन ने केवल सोरेन परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को अपना परिवार माना. सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक दृष्टि से समाज को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायी रहा है. बाबा रामदेव ने कहा कि माता रूपी सोरेन शक्ति स्वरूपा और ज्योति स्वरूपा थीं. उन्होंने दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत और उनके विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सोरेन परिवार की पुरखों से मिली विरासत को आगे बढ़ाने का काम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहस, पुरुषार्थ और पराक्रम के साथ आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों को साथ लेकर चल रहे हैं. शिक्षा, चिकित्सा, संसाधनों के विकास और झारखंड की जल, जंगल, जमीन की रक्षा करते हुए राज्य को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास प्रेरणादायी है.

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