गुमला: बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के संरक्षण तथा लैंगिक एवं यौन अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुमला जिले के सभी सरकारी, अल्पसंख्यक एवं निजी विद्यालयों में 23 एवं 24 अक्टूबर 2026 को विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा यह पहल की जा रही है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह पहल बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
POSCO एक्ट और गुड टच-बैड टच की दी जाएगी जानकारी
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (च्व्ब्ैव् ।बज), 2012 के प्रावधानों की जानकारी सरल एवं आयु-उपयुक्त भाषा में दी जाएगी। इसके तहत गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा, लैंगिक एवं यौन अपराधों की पहचान तथा ऐसी घटनाओं से बचाव के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों को समझाएं कि किसी भी व्यक्ति के अनुचित व्यवहार, गलत स्पर्श, अश्लील संदेश, निजी तस्वीरें मांगने या ऑनलाइन माध्यम से परेशान करने जैसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें चुप रहने या डरने के बजाय अपने माता-पिता, विश्वसनीय शिक्षक अथवा संबंधित प्राधिकारी को जानकारी देनी चाहिए।
विद्यालयों में होंगी विभिन्न जागरूकता गतिविधियां
निर्धारित कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विशेष संबोधन, कक्षा-वार जागरूकता सत्र, पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को मोबाइल फोन एवं इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले अनुचित व्यवहार के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 की जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों को इन हेल्पलाइन नंबरों को सूचना-पट्ट पर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने निर्देश दिया है कि यदि किसी शिक्षक या विद्यालय कर्मी को किसी बच्चे के साथ लैंगिक अथवा यौन अपराध होने की जानकारी या आशंका मिलती है, तो बच्चे की सुरक्षा एवं गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में बच्चे को दोषी नहीं ठहराया जाए तथा संबंधित पुलिस प्राधिकारी को सूचना देने के वैधानिक दायित्व का पालन किया जाए।
प्रखंड एवं संकुल स्तर पर होगी निगरानी
जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों तथा प्रखंड एवं संकुल साधन सेवियों को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण की जिम्मेदारी दी गई है। विद्यालयवार गतिविधियों, प्रतिभागी विद्यार्थियों की संख्या, नोडल शिक्षक के नाम एवं फोटोग्राफ सहित प्रतिवेदन संकलित कर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना भय के सहायता मांगने के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान के माध्यम से जिले के सभी विद्यालयों में बाल-सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।